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Himachal Cabinet: रिजर्वेशन रोस्टर के नियम बदले, 2 बार रिजर्व पंचायतें ओपन होगी, चंडीगढ़-शिमला रूट पर रोजाना 2 उड़ानें, अंशकालीन जलवाहक नियमित होंगे

पंचायतीराज चुनाव नियमों में संशोधन की तैयारी, दो बार आरक्षित पंचायतें अब होंगी ओपन
चंडीगढ़–शिमला रूट पर हेली टैक्सी सेवा बढ़ी, अब छह दिन रोजाना दो उड़ानें
अंशकालीन जलवाहकों की सेवाएं होंगी नियमित, कई विभागों में नई भर्तियों को मंजूरी


हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में पंचायतीराज व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन, ऊर्जा परियोजनाओं और सरकारी भर्तियों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सरकार ने पंचायतीराज (चुनाव) नियम 1994 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों को लेकर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को अधिक संतुलित और न्यायसंगत बनाना है।

राजस्व मंत्री जगत नेगी ने बताया कि प्रस्तावित संशोधन के अनुसार वर्ष 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही पंचायतें अब आगामी चुनावों में आरक्षित नहीं रहेंगी। ऐसी पंचायतों में प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद के पदों का रोस्टर बदला जाएगा। उनका कहना है कि कई पंचायतों में एक ही श्रेणी के लिए बार-बार आरक्षण लागू हो रहा था, जिससे स्थानीय प्रतिनिधित्व में असंतुलन की स्थिति बन रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

कैबिनेट बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम 2010 में भी महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार ने ‘निराश्रित महिला’ की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय लिया है। अब ऐसी महिलाएं जो अपने पति द्वारा परित्यक्त हैं, पति के साथ नहीं रह रही हैं और जिनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है, उन्हें भी निराश्रित महिला माना जाएगा। इससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ हेली टैक्सी सेवा को भी विस्तार देने का फैसला किया है। अब इस रूट पर सप्ताह में तीन राउंड की बजाय सप्ताह में 12 राउंड उड़ानें संचालित होंगी, यानी छह दिन रोजाना दो उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। इस सेवा को व्यवहारिक बनाने के लिए राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग भी उपलब्ध कराएगी। माना जा रहा है कि इससे राज्य में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी और यात्रियों के लिए तेज और सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध होगा।

ऊर्जा क्षेत्र में कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लेते हुए 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं को रद्द करने का फैसला किया है। ये परियोजनाएं वन-टाइम छूट योजना का लाभ लेने के बावजूद निर्धारित समय में शुरू नहीं हो सकीं। वहीं पंडोह में 10 मेगावाट के स्मॉल हाइड्रो प्रोजेक्ट को भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना से राज्य सरकार को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत शेयर बिजली प्राप्त होगी।

शिक्षा और खेल क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने विभिन्न इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, सहकारिता विभाग में 2 असिस्टेंट रजिस्ट्रार और 30 इंस्पेक्टर के पद भरने की मंजूरी दी है। इसके अलावा खेल छात्रावासों में 16 कोचों की नियुक्ति की जाएगी। हमीरपुर जिले के खरीड़ी स्थित खेल छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और उसे राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित करने का भी फैसला लिया गया है।

कैबिनेट ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के तीन पद भरने की स्वीकृति भी दी है। इसके साथ ही ऊना जिले के गागरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने तथा शिमला जिले के कोटखाई और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए भूमि हस्तांतरण को भी मंजूरी दी गई है।

भूमि लीज से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने हिमुडा के पक्ष में 80 वर्ष की लीज प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश लीज नियम 2013 के नियम 7 में संशोधन किया जाएगा। इससे पहले राज्य सरकार अधिकतम 40 वर्ष तक ही भूमि लीज पर दे सकती थी।

इसके अलावा कैबिनेट ने वर्ष 2016 में चयनित पटवारी पद के शेष सात अभ्यर्थियों को लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों में रिक्त पदों के तहत नियुक्त करने की स्वीकृति दी है। वहीं सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत अंशकालीन जलवाहकों, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक सात वर्ष अंशकालिक और चार वर्ष दैनिक वेतनभोगी के रूप में कुल 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवाओं को नियमित करने का निर्णय भी लिया गया है। इस फैसले से लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

🏛️ पंचायत चुनाव और रिजर्वेशन रोस्टर में बदलाव

  • पंचायतीराज (चुनाव) नियम 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में संशोधन का प्रस्ताव।

  • 2010 से लगातार 2 कार्यकाल तक आरक्षित रही पंचायतें अब अगले चुनाव में ओपन होंगी।

  • यानी जहां दो बार आरक्षण लग चुका है, वहां अगली बार प्रधान, वार्ड मेंबर, BDC और जिला परिषद सीटें सामान्य हो सकती हैं

  • सरकार का कहना है कि कुछ पंचायतों में बार-बार एक ही श्रेणी का आरक्षण आ रहा था, इसलिए बदलाव किया जा रहा है।


👩 महिलाओं के लिए बड़ा फैसला

  • पति से अलग रह रही और बिना आय वाली महिला को अब निराश्रित महिला माना जाएगा।

  • ऐसी महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल सकेगी।


✈️ चंडीगढ़-शिमला हेलीकॉप्टर सेवा

  • ChandigarhShimla रूट पर हेली-टैक्सी सेवा बढ़ाई गई।

  • पहले सप्ताह में 3 राउंड थे, अब सप्ताह में 12 राउंड होंगे।

  • यानी 6 दिन रोजाना 2 उड़ानें चलेंगी।

  • सरकार Viability Gap Funding देगी।

  • इससे टूरिज्म बढ़ने की उम्मीद है।


⚡ ऊर्जा और विकास से जुड़े फैसले

  • 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट रद्द किए गए (समय पर शुरू नहीं हुए)।

  • Bhakra Beas Management Board को पंडोह में 10 मेगावाट हाइड्रो प्रोजेक्ट दिया जाएगा।

  • राज्य को मिलेगा:

    • 13% मुफ्त बिजली

    • 5% शेयर बिजली


🎓 शिक्षा और सरकारी भर्तियां

कैबिनेट ने कई पद भरने को मंजूरी दी:

  • इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर

  • कोऑपरेशन विभाग में 2 असिस्टेंट रजिस्ट्रार

  • 30 इंस्पेक्टर

  • खेल छात्रावासों में 16 कोच

  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में 3 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (IT)

साथ ही:

  • Hamirpur के खरीड़ी खेल छात्रावास की क्षमता 100 बेड की गई।

  • इसे State Sports Centre of Excellence बनाया जाएगा।


🏫 नए संस्थान

  • Una के गागरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस बनेगा।

  • Kotkhai और Paonta Sahib में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन ट्रांसफर।


🏠 जमीन लीज नियम में बदलाव

  • Himachal Pradesh Housing and Urban Development Authority (HIMUDA) को 80 साल की लीज देने की मंजूरी।

  • पहले अधिकतम 40 साल की लीज दी जा सकती थी।


👷 कर्मचारियों के लिए फैसला

  • अंशकालिक जल वाहक (Water Carrier)

    • 7 साल पार्ट-टाइम + 4 साल दैनिक वेतन

    • कुल 11 साल सेवा पूरी करने वालों को नियमित किया जाएगा